2024 का चुनाव = 100 करोड लोग सामूहिक इच्छाशक्ति की अभिव्यक्ति https://www.satyahindi.com/analysis/loksabha-election-people-mandate-bjp-congress-vs-power-decentralisation-140231.html इस चुनाव में दो दलों का राष्ट्रीय पदचिह्न रहा। पर जीतने वाले दलों में इनके अलावा 46 अन्य दल एवं निर्दलीय भी रहे। सबसे रोचक तथ्य ये है भाजपा और कांग्रेस को मिलाकर 60% से कम वोट मिले। इसका सीधा अर्थ ही है कि +40% जनता सत्ता को अपने से दूर देने के बजाए अपने से नजदीक रखने के लिए वोट करती है। 20ै24 के चुनाव में भाजपा ने खुल के विस्तारवादी रुख अपनाया और कांग्रेस ने क्षेत्रीय दलों को स्पेस दिया। नतीजों में 2019 की तुलना में कांग्रेस को 2% वोट, और करीब 55 सीट बढे तथा भाजपा का 2% वोट और 65 सीट घटे। ये तथ्य भी इसी ओर इंगित करता है कि जनता विस्तारवादिता को नकारती है। 1984 में भाजपा के पहली बार राष्ट्रीय पटल पर उभरने से लेकर 2024 तक के 10 चुनावों में एक बार भी कांग्रेस+भाजपा को मिलाकर 59% से अधिक वोट नहीं मिले, चाहे राजीव गाँधी य...
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